आपके चुने वित्त वर्ष के लिए निवासी व्यक्ति के वेतन और अन्य आय पर दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स, कदम दर कदम, Finobazaar पर दर्ज आधिकारिक नियमों से।
कर-योग्य आय कैसे निकाली जाती है
- सकल कुल आय: वेतन और सामान्य दरों पर टैक्स होने वाली अन्य आय।
- वेतन पर मानक कटौती: उस वर्ष के लिए हर व्यवस्था में मिलने वाली रकम, वेतन से कभी ज़्यादा नहीं।
- कटौतियाँ: पुरानी व्यवस्था में 80C, 80D (हर एक अपनी सीमा में) और आपकी बताई अन्य कटौतियाँ; नई व्यवस्था में केवल 80CCD(2) के तहत नियोक्ता का NPS योगदान, वेतन के तय हिस्से तक।
- कुल आय, निकटतम दस रुपये तक पूर्णांकित (धारा 288A)।
- व्यवस्था के स्लैब पर टैक्स; पुरानी व्यवस्था में छूट की सीमा आपकी उम्र पर निर्भर है।
- धारा 87A के तहत रिबेट उस निवासी को जिसकी कुल आय सीमा के भीतर है, और जहाँ नियम में हो वहाँ सीमा से थोड़ा ऊपर मार्जिनल राहत।
- ऊँची आय पर सरचार्ज, मार्जिनल राहत के साथ; फिर टैक्स और सरचार्ज पर स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर।
- देय टैक्स, निकटतम दस रुपये तक पूर्णांकित (धारा 288B)।
पुरानी व्यवस्था और नई व्यवस्था
नई व्यवस्था (धारा 115BAC) डिफ़ॉल्ट है, इसकी स्लैब दरें कम हैं पर कटौतियाँ कम मिलती हैं। पुरानी व्यवस्था में 80C और 80D जैसी कटौतियाँ बनी रहती हैं। किसमें कम टैक्स बनेगा, यह आपके अपने आँकड़ों पर निर्भर है, इसलिए कैलकुलेटर एक ही वर्ष के लिए दोनों निकालता है। किसी को भी सबके लिए बेहतर नहीं बताया जाता।
कौन-से नियम इस्तेमाल होते हैं
केवल वे नियम जो आधिकारिक स्रोतों से Finobazaar पर दर्ज हैं, जाँचे गए हैं और किसी दूसरे व्यक्ति ने मंज़ूर किए हैं, आपके चुने वित्त वर्ष के लिए। अगर किसी वर्ष के नियम सत्यापित नहीं हैं, तो कोई नतीजा नहीं दिखता; उसकी जगह किसी दूसरे वर्ष के नियम कभी नहीं लगाए जाते। हर नतीजे में नियम सेट, उसका संस्करण और आधिकारिक पेज दिए जाते हैं।
- शामिल: निवासी व्यक्ति; वेतन और सामान्य दरों पर टैक्स होने वाली अन्य आय।
- शामिल नहीं: पूँजीगत लाभ और विशेष दर वाली अन्य आय, मकान संपत्ति और व्यवसाय की आय, घाटा, अनिवासी, ब्याज और शुल्क, पहले से चुकाया टैक्स।
यह आपके भरे आँकड़ों और दिखाए गए वर्ष या तारीख के लिए Finobazaar पर दर्ज आधिकारिक नियमों से बना एक अनुमान है। यह टैक्स रिटर्न, टैक्स माँग या पेशेवर टैक्स सलाह नहीं है, और इसमें आप पर लागू कुछ नियम छूट सकते हैं। रिटर्न भरने या भुगतान करने से पहले आयकर विभाग की अपनी सुविधाओं से या किसी योग्य टैक्स पेशेवर से जाँच लें।
